योगध्यान बद्री

योग धयान  बद्री मंदिर बद्रीनाथ के मंदिर के समान पुराना है। यह पांडुकेश्वर जोशीमठ से 24 किलोमीटर दूर है. योग् धयान मंदिर पांच बद्री में से एक है. यहां ध्यानपूर्वक मुद्रा में, बद्रीनाथ की पूजा की जाती है। पौराणिक कथा  के अनुसार, पांडवों ने हस्तिनापुर का  राजा परीक्षित को बनाया और यहां सेवानिवृत्त हुए। इसके अलावा राजा पांडु, पांडवों के पिता ने अपने आखिरी दिनों में अपने  निर्वाण से पहले यहाँ तपस्या की थीकुछ प्रसिद्ध तांबा की प्लेटो तथा  पुराने शिलालेखो में मंदिर के इतिहास और कत्तुरी राजाओं के इतिहास पर बहुमूल्य जानकारी उपलब्ध कराई गई है। आसपास के क्षेत्र को पांचाल देश या उत्तराखंड के नाम से जाना जाता था मिलाम ग्लेशियर की चोटी पर स्थित सूर्याकुंड एक गर्म पानी का कुंड है कहा जाता है कि कुंती ने  सूर्य के पुत्र  कर्ण को यही जन्म दिया था । श्री बद्रीनाथ के पास पांडुकेश्वर में पांडु ने कुन्ती से शादी की थी

कैसे पहुंचें:

बाय एयर

निकटतम हवाई अड्डा देहरादून में जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है, जो पांडुकेश्वर में स्थित योगध्यान बद्री से लगभग 282 किमी दूर है। देहरादून हवाई अड्डे से पांडुकेश्वर तक टैक्सी तथा बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।

ट्रेन द्वारा

ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून सभी के पास रेलवे स्टेशन हैं। योगध्यान बद्री से निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश (लगभग 250 किमी) है। ऋषिकेश से योगध्यान बद्री बस/टैक्सी से पहुंचा जा सकता है।

सड़क के द्वारा

योगध्यान बद्री बद्रीनाथ-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पांडुकेश्वर में है। राज्य परिवहन की बसें पांडुकेश्वर और ऋषिकेश (275 किमी) के बीच नियमित रूप से चलते हैं। स्थानीय परिवहन संघ और राज्य परिवहन की बसें तथा टैक्सी पांडुकेश्वर और ऋषिकेश (275 किमी), हरिद्वार (297 किमी), देहरादून (318 किलोमीटर) और दिल्ली (520 किमी) के बीच नियमित रूप से चलते हैं।